
यह जीवन विकास ग्रीष्मकालीन युवा बाल शिविर आत्मिक उन्नति, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास का एक प्रेरणादायी प्रयास है। राजस्थान की आध्यात्मिक नगरी कापरड़ा जी महातीर्थ की पावन भूमि पर आयोजित यह शिविर युवाओं और बालकों को जीवन की सही दिशा देने का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस शिविर का उद्देश्य जैन दर्शन, जैन सिद्धांत, जैन इतिहास, कर्म दर्शन, सूत्रों के रहस्य तथा जीवन जीने की कला जैसे विषयों के माध्यम से प्रतिभागियों में आत्मबोध, अनुशासन, करुणा और सकारात्मक सोच का विकास करना है। विद्वान संतों एवं अनुभवी प्रवचकों के सान्निध्य में होने वाले सत्र युवाओं को आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और विवेक के साथ करने की प्रेरणा देंगे।
शिविर के दौरान ध्यान, संवाद, बौद्धिक चर्चाएँ और व्यवहारिक मार्गदर्शन के माध्यम से संस्कारों का संवर्धन किया जाएगा। यह शिविर न केवल धार्मिक ज्ञान प्रदान करेगा, बल्कि जीवन को सरल, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बनाने का मार्ग भी दिखाएगा।
समस्त अभिभावकों एवं युवाओं से अनुरोध है कि इस पावन अवसर का लाभ उठाएँ और अपने जीवन को आध्यात्मिक, नैतिक एवं वैचारिक रूप से सशक्त बनाएं।


