आदिनाथ जैन ट्रस्ट द्वारा संचालित जैनोलॉजी परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न
आदिनाथ जैन ट्रस्ट की जैनोलॉजी परीक्षा देशभर में आयोजित
13 जुलाई 2025 को जैनोलॉजी परीक्षा देश के 170 केंद्रों पर एक साथ सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
इस परीक्षा में लगभग 2300 विद्यार्थियों ने भाग लिया और जैन धर्म के सिद्धांतों का अध्ययन किया।
पाठ्यक्रम डॉ. निर्मला जैन के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है, जो धर्मशास्त्र की विशेषज्ञ मानी जाती हैं।
कोर्स में दर्शन, सिद्धांत, कर्म मीमांसा, तप और अहिंसा जैसे जैन विषय पढ़ाए जाते हैं।
चेन्नई सहित दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए।
जो विद्यार्थी 13 जुलाई को शामिल नहीं हो सके, वे 17 जुलाई को परीक्षा दे सकते हैं।
इस कोर्स में चार प्रकार के डिप्लोमा उपलब्ध हैं – प्राथमिक, मूल, उच्च और विशेषज्ञ डिप्लोमा।
हर डिप्लोमा अलग पाठ्यक्रम और स्तर के अनुसार तैयार किया गया है।
पाठ्य सामग्री सरल, स्पष्ट और व्यवहारिक जीवन से जुड़ी हुई होती है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से परीक्षा में भाग लेने की सुविधा दी गई है।
अब तक 33,000 से अधिक विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम से जुड़ चुके हैं।
कोर्स विशेष रूप से युवाओं और जिज्ञासु धर्म प्रेमियों के लिए उपयोगी है।
यह पाठ्यक्रम जैन धर्म को आधुनिक संदर्भ में समझने का अवसर देता है।
परीक्षा से विद्यार्थियों में आत्मविकास और चिंतन की प्रेरणा मिलती है।
आदिनाथ जैन ट्रस्ट का उद्देश्य धर्म को शिक्षा से जोड़ना है।
समाज के सभी वर्गों से इस पहल को सराहना मिल रही है।
सभी परीक्षार्थियों को प्रमाणपत्र और मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
भविष्य में इस पाठ्यक्रम का विस्तार और डिजिटलीकरण प्रस्तावित है।
ऐसे प्रयासों से धार्मिक शिक्षा का व्यापक प्रचार संभव हो पाता है।
यह परीक्षा आध्यात्मिक उन्नति और नैतिक जागरूकता को भी प्रोत्साहित करती है।
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